हमारे लिए भी खुॅदा ने कुॅछ लिखा होगा,
किसी परी को इन्सान सा सजाया होगा।
ख्वाब सारे पुरे होगे तुमसे,
हमे भी मिलेगी जन्नत-ऐ-जिन्दगी।
बैठे है हम इन्तजार मे उसके,
जिसका प्यार का जादू फैलेगा हमपे।
जो सजाये थे हमने सपने,
पुरे होगे तुम्हारे मिलने से।
हमारे लिए भी खुॅदा ने कुॅछ लिखा होगा,
किसी परी को इन्सान सा सजाया होगा।
ख्वाब सारे पुरे होगे तुमसे,
हमे भी मिलेगी जन्नत-ऐ-जिन्दगी।
किसी परी को इन्सान सा सजाया होगा।
ख्वाब सारे पुरे होगे तुमसे,
हमे भी मिलेगी जन्नत-ऐ-जिन्दगी।
बैठे है हम इन्तजार मे उसके,
जिसका प्यार का जादू फैलेगा हमपे।
जो सजाये थे हमने सपने,
पुरे होगे तुम्हारे मिलने से।
हमारे लिए भी खुॅदा ने कुॅछ लिखा होगा,
किसी परी को इन्सान सा सजाया होगा।
ख्वाब सारे पुरे होगे तुमसे,
हमे भी मिलेगी जन्नत-ऐ-जिन्दगी।